
तेरे ग़म ने जीना सिखा दिया है
हमे अश्क पीना सिखा दिया है
तेरे साथ खुशियाँ बरस बरस रही थी
अब उन यादो ने हमको रूला दिया है
शक्ल उसकी है मगर वो नहीं है अब
तुमने यार मेरा गुमा दिया है
जिस हंसी पे तुम थे निसार हरदम
तुमने उसे ही हमसे जुदा किया है
अब तो बस तुम यहीं बता दो
तुमने कैसे सब कुछ भूला दिया है

bahoot Sunder Rachana
ReplyDeleteShubhkamnayen swikar karen!!